Prime Time With Ravish Kumar, Nov 13, 2018 | क्या किसानों को सिर्फ़ वोटबैंक समझा जाता है?

हमने पिछले कई सालों में किसानों के कई आंदोलन दिखाए. 29-30 इस आंदोलन के केंद में दो मुद्दे प्रमुख रूप से रहे. फसलों का सही दाम दिया जाए और फसल बिकने की व्यवस्था सही की जाए. मोदी सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य को अपने वादे के हिसाब से लागत से डेढ़ गुना देने का दावा करती है लेकिन तथ्य कुछ दूसरे भी होते हैं. इंडियन एक्सप्रेस में न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर आप हरीश दामोदरन की रिपोर्ट देखते रहिए. सरकार जो कहती है, उससे अलग पता चलेगा. हमारे सहयोगी अनुराग द्वारी ने ही सरकारी मूल्य और किसानों के बीच की खाई को लेकर रिपोर्ट की है.

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